डिप्लोमा कोर्स

बाजार की मांग और उत्पादों की एक आकांक्षी रेंज विकसित करने में डिजाइन के प्रासंगिक उपयोग की गतिशीलता को समझना महत्वपूर्ण हो गया है। इस संदर्भ में शिल्प यानि क्राफ्ट पेशेवरों की नई पौध को तैयार किए जाने की जरूरत है जो नई चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपट सके और भारतीय शिल्प उद्योग की बेहतरी के लिए डिजाइन ला सकने में सक्षम हो। यूपीआईडी द्वारा क्राफ्ट डिजाइन में डिप्लोमा कार्यक्रम आज के वैश्वीकरण परिदृश्य में इस तरह की शैक्षिक और शिल्प सेक्टर की जरूरतों को पूरा करने का एक प्रयास है। ये डिप्लोमा छह सेमेस्टर का पूर्ण कालिक कार्यक्रम होगा। 
इस कार्यक्रम के तहत उद्योग से नजदीकी तालमेल तो रहेगा ही साथ ही साथ पाठ्यक्रम के दृष्टिकोण से समस्याओं को भी सुलझाया जाएगा। इस कार्यक्रम में डिजाइन के पेशेवर और व्यावसायिक कौशल के विकास को तरजीह दी जाएगी। पाठ्यक्रम को संबन्धित कौशल और उद्योग के अनुभव के मिश्रण के साथ तैयार किया गया है। एक बार संस्थान के स्थापित हो जाने के बाद, यूपी बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजूकेशन, लखनऊ से मान्यता प्राप्त हो जाएगी। 
इस कार्यक्रम के अगुवा वरिष्ठ पूर्णकालिक संकाय सदस्य होंगे जो यू.पी.आई.डी की अध्यक्षता के आधीन काम करेंगे। विशिष्ट पाठ्यक्रम चलाने के लिए मास्टर कारीगर, उद्योग और शिक्षा के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। सुझाव है कि ये कार्यक्रम 15 छात्रों के बैच से शुरू किया जाए और यह संख्या अगले तीन से पाँच वर्ष में 30 तक बढ़ायी जा सकती है। कार्यक्रम को सफलता पूर्वक पूरा करने के पश्चात छात्रों को डिप्लोमा प्रदान किया जाएगा। 
कार्यक्रम की क्लास यूपीआईडी कैम्पस में संचालित की जाएंगी। साथ ही छात्रों को अपने असाइनमेंट और प्रोजेक्ट के लिए बाहर के दौरे भी करने होंगे। इसके अलावा विशेष बुनियादी ढांचे और किसी एक विशिष्ट शिल्प की प्रक्रिया समझने के लिए बाह्य दौरा भी कराया जा सकता है। 
इससे उत्तर प्रदेश में युवाओं के बीच इस प्रकार के कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा। सरकारी विभाग, स्वयं सेवी संगठन और निजी संगठन यूपीआईडी के छात्रों के प्रोजेक्ट्स को प्रायोजित कर सकते हैं।