पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स

हस्तशिल्प उद्योग की प्रकृति मूलतः उद्यमशील है। अपने उत्थान के समय में हस्तशिल्प समुदाय और शिल्पकारों की उद्यमशीलता कौशल के कारण इसमें बहुत विस्तार हुआ था। लेकिन समाजिक और व्यापारिक वातावरण में आये परिवर्तन के साथ उद्यमशीलता को नये तरीकों की जरुरत है, जो हस्तशिल्प को जीवित बनाये रखे। इसे हितधारकों के नये स्वरुप को ध्यान में रखकर, उभरते वैश्विक बाजार, हस्तशिल्प मूल्य की संरचना, स्थानीय व वैश्विक परिपेक्ष्य तथा भारतीय हस्तशिल्प के लिए उद्यमों की समकालीन भूमिका आदि के अनुरूप पुनः परिभाषित करने की जरुरत है।

रचनात्मक उद्यमिता जो सांस्कृतिक संसाधनों पर आधारित थी, अब एक आधुनिक और विशेष क्षेत्र के रूप में उभरी है। इसमें डिजाईन के विचार, अत्याधुनिक कौशल, समकालीन बाजार ज्ञान, नयी तकनीक, योजनाबद्ध पूँजी तथा अन्य संसाधन शमिल हैं। इन्टरनेट के आगमन और सेवा क्षेत्र में वृद्धि के साथ हस्तशिल्प क्षेत्र में उद्यमशीलता की पहल आज के समय में कई गुना बढ गई है। एकीकृत फैशन में समझ, अनुभव और प्रशिक्षण की जरुरत है। भारत में ऐसा कोई शैक्षिक कार्यक्रम नहीं है जो केवल हस्तशिल्प क्षेत्र की उद्यमशीलता के कार्यक्रम चलाता हो। चूँकि इस क्षेत्र में हस्तशिल्प के अधिक संसाधन उपलब्ध हैं, अतैव यू.पी.आई.डी. इस क्षेत्र में एक कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करके बढ़त हासिल कर सकता है।

हस्तशिल्प उद्यमिता कार्यक्रम की संरचना उद्यमशीलता परितंत्र में उद्यमों के महत्त्व को ध्यान में रख कर की गयी है तथा यह युवा स्नातकों, डिप्लोमा धारक, विशेषज्ञ, हस्तशिल्पकार आदि की ओर लक्षित है। एक पूर्ण-कालिक वरिष्ठ शिक्षक इस कार्यक्रम की अगुआई करेंगे। मास्टर हस्तशिल्प कारीगर, उद्योग और शिक्षण के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जायेगा, जो पूरे कार्यक्रम में विशेष पाठ्यक्रम का संचालन करेंगे। यह सलाह दी जाती है कि इस कार्यक्रम को 15 छात्रों से शुरु किया जाना चाहिए। अगले 3 से 5 वर्षो में यह संख्या 30 से अधिक हो सकती है। कार्यक्रम को सफलता पूर्वक पूरा करने पर छात्रों को डिप्लोमा दिया जायेगा। इस कार्यक्रम को यू.पी. बोर्ड ऑफ़ टेक्निकल एजुकेशन, लखनऊ से मान्यता प्रदान की जाएगी ।

कक्षाएं यू.पी.आई.डी. के कैंपस में चलेंगी किन्तु छात्रों को अपने प्रोजेक्ट और असाइनमेंट के कारण कई यात्रायें करनी पड़ेंगी। विशेष हस्तशिल्प की विशेष जानकारी के लिए कई बार बाह्य दौरा करना पड़ सकता है।